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मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का आयोजन शायर मजहर भोपाली ने समा बांधा

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गाजीपुर:रिपोर्ट मोहम्मद कादिर:बीती देर रात ऑल इंडिया कवि सम्मेलन एवं मुशायरे का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कवियों और शेयरों का जमघटा लगा। जिसमें कोने-कोने से आए मशहूर कवियों और शायरों ने अपनी कविताओं और गीतों को प्रस्तुत किया। शहर के एम ए एच इंटर कॉलेज में बीती रात ऑल इंडिया मुशायरा एवं कवि सम्मेलन का भव्य आयोजन विद्यालय के गर्ल्स ब्लाक के निर्माण के संदर्भ में किया गया कार्यक्रम में आमंत्रित अध्यक्ष उदय भान सिंह Ex.IRS. मुख्य अतिथि डॉ अनीश अंसारी Ex.IAS. गेस्ट ऑफ़ ऑनर डॉ एहतेशाम हुसैन खां पेट्रोकेमिकल एक्सपर्ट सऊदी अरबिया का विद्यालय परिवार ने माल्यार्पण के द्वारा भव्य स्वागत किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य समाज में प्रेम सौहार्द स्थापित करना वैज्ञानिक युग में शैक्षिक विकास को सभ्यता के साथ जोड़ना देश की एकता और अखंडता बनाए रखने के साथ द बालिकाओं की शिक्षा को महत्व देना है। जब बालिकाएं शिक्षित होगी तो घर से समाज और देश का वातावरण सुदृढ़ होगा। कुरीतियां अन्धविश्वास गलत परंपराएं खत्म होगी। लोगों में वैज्ञानिक सोच पैदा होगी संस्कारी होगी आध्यात्मिक रूप से सार्वागिण विकास होगा और देश उन्नति करेगा। इस संदर्भ में विद्यालय प्रबंधक हाजी मु0 वारिस हसन खां एडवोकेट एवं प्रधानाचार्य मु0 खालिद  आमिर का महत्वपूर्ण योगदान है। इस कार्यक्रम के संयोजक शम्स तबरेज खां एवं जावेद अंसारी रहे। मुशायरा एवं कवि सम्मेलन में उपस्थित शहरों में मंजर भोपाली ताहिर फ़राज़ कमल हातवी शकील आज़मी विष्णु सक्सेना डॉ अन्जुम बाराबंकवी अज़्म शाकरी जहाज देवबंदी महासर आफरीदी खुर्शीद हैदर सुन्दर मालेगांवी शाइस्ता सना निखत अमरोही मोनिका देहलवी आदिल रशीद शादाब आज़मी एवं बादशाह रही मौजूद थे।
वरिष्ठ एवं प्रसिद्ध शायर मंजर भोपाली ने समा को बांधते हुए कहा जिंदगी जीने का पहला हौसला पैदा करो सिर्फ ऊंचे खूबसूरत ख्वाब मत देखा करो।
ताहिर फराज ने माहौल को खुशनुमा बनाते हुए कहा कोई आंसू भी जो कागज भिगो लाएगा मीर जैसा कोई शेर हो जाएगा।
एक मिसरा हूं मैं एक मिसरा हो तुम दोनों मिल जाए तो शेर हो जाएगा।
पुलिस अधिकारी एवं मज़ाहिया शेयर कमल हातवी ने दार्शनिक अंदाज में शेर को कुछ इस तरह से व्यक्त किया हवा से कह दो कि यूं खुद को आज़मा के दिखाएं बहुत चिराग बुझाती है एक जला के दिखाएं।
निकहत अमरोही ने बज़्म की शान बढ़ाते हुए कहा मुरझाए कोई फूल तो गुलदस्ता रो पड़े एक शख्स मारा जाए तो इंसान रो पड़े ऐसी फिजा बने मेरे देशवासियों हिंदू का घर जले तो मुसलमान रो पड़े।
इसी तरह शेयर और कवियों ने अपनी शायरी के माध्यम से लोगों को खूब हास्य और दिलों को जोड़ने तथा आपसी सौहार्द की बात कही। इस अवसर पर हजारों की संख्या में दर्शक मौजूद थे। कार्यक्रम का संचालन शायर नदीम फर्रूख व समर गाजीपुरी ने किया।
डीआरएस न्यूज़ नेटवर्क

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