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गोंडा:फर्म के साथ मिलकर अधिकारियों ने 3.84 करोड़ के काम में किया घोटाला

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गोंडा। देवीपाटन मंडल में बहराइच जिले के एक उपकेंद्र के निर्माण में तीन करोड़ 84 लाख 42 हजार रुपये के काम में बड़े पैमाने पर घोटाला सामने आया है। आयुक्त के आदेश पर मंडलीय प्राविधिक संपरीक्षा प्रकोष्ठ (टीएसी) की प्रारंभिक जांच में 15.76 लाख रुपये के घोटाले का पर्दाफाश होने के बाद टीएसी ने दो परियोजना प्रबंधक, दो सहायक अभियंता, एक जेई व ठेकेदार फर्म से वसूली की संस्तुति करते हुए कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेज दी है।जांच के दौरान अवमुक्त बजट में 78.50 प्रतिशत राशि खर्च होने के बावजूद मौके पर महज 45 फीसदी ही काम मिला।
कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने 20 अक्तूबर 2023 को आदेश जारी कर बहराइच जिले में कार्यदायी संस्थाओं की ओर से 50 लाख से अधिक लागत से कराए जा रहे कार्यों की जांच का जिम्मा मंडलीय टीएसी को सौंपा था।
मंडलीय प्राविधिक परीक्षक ने 18 नवंबर को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सेमरा का स्थलीय निरीक्षण कर राजकीय निर्माण निगम बहराइच की ओर से कराए जा रहे निर्माण कार्यों की जांच की।
टीएसी के अनुसार, 28 अक्तूबर 2021 को वित्तीय एवं प्रशासनिक मंजूरी देते हुए शासन ने इस परियोजना पर 7.65 लाख रुपये खर्च की स्वीकृति दी थी।
अभिलेखों में कार्यदायी संस्था को अवमुक्त तीन करोड़ 84 लाख 42 हजार में से सिविल कार्यों के सापेक्ष 16 बार रनिंग बिल के जरिए दो करोड़ 43 लाख 89 हजार रुपये का भुगतान किया गया। इसी प्रकार विद्युत कार्यों पर भी 57.87 लाख रुपये खर्च हुआ। किस मद में निर्धारित रहा कितना बजट
मुख्य चिकित्सा भवन के निर्माण पर तीन करोड़ 21 लाख 23 हजार, चार चिकित्साधिकारी व द्वितीय श्रेणी के छह आवास निर्माण पर एक करोड़ 12 लाख 76 हजार, परिसर में ट्यूबवेल, चारदीवारी, सड़क, नाली, सेप्टिक टैंक, अंडरग्राउंड सीवर, दो इंडिया-टू मार्का हैंडपंप आदि विविध कार्यों पर एक करोड़ 14 लाख 87 हजार मितव्ययता पर पांच फीसदी कमी, 12.50 प्रतिशत सेंटेज, एक प्रतिशत लेबर सेस व 12 प्रतिशत जीएसटी को मिलाकर कुल छह करोड़ 54 लाख 37 हजार खर्च के साथ ही एक करोड़ 14 लाख 67 हजार रुपये से विद्युत कार्य कराए जाने का प्रावधान किया गया है।
खराब मिली गुणवत्ता, बाहर दिख रही सरिया टीएसी की जांच में सामने आया कि ई-टेंडरिंग प्रणाली को दरकिनार कर निर्माण कार्य विभागीय पद्धति से कराया जा रहा था। कार्यस्थल पर विवरण बोर्ड नहीं लगा, बाउंड्रीवाॅल के एक्सपेंसन ज्वॉइंट मानक से अधिक दूरी पर बने हैं। कालम बीम के ज्वाॅइंट्स पर सीसी कार्य की गुणवत्ता खराब मिली और कुछ बीमों और छज्जों में लगी सरिया बाहर दिखाई दे रही है। 25 फीसदी ईंटें अधोमानक व रैंप के स्लैब की सीसी गुणवत्ता भी खराब है।समिति ने इनको ठहराया घपले का जिम्मेदार निर्माण कार्य में भारी अनियमितता और भ्रष्टाचार मिलने पर प्राविधिक परीक्षक अमित कुमार चौधरी ने राजकीय निर्माण निगम के परियोजना प्रबंधक हेमंत कुमार विश्वास, राजमणि, सहायक अभियंता अरविंद शर्मा, आरके तिवारी, अवर अभियंता राजेंद्र प्रसाद और ठेकेदार मेसर्स एसआईबी इंफ्रा प्राइवेट लिमिटेड देवरिया को जिम्मेदार ठहराते हुए ब्रिक वर्क पर 25 प्रतिशत व अन्य कार्यों पर 10 प्रतिशत की दर से कुल 15 लाख 76 हजार 614 रुपये वसूली की संस्तुति करते हुए आयुक्त को रिपोर्ट भेजी है।
फर्म और अफसरों की मिलीभगत उजागर
कमिश्नर योगेश्वर राम मिश्र ने बताया कि टीएसी की जांच में फर्म और कार्यदायी संस्था के अफसरों की मिलीभगत उजागर हुई है। गुणवत्ता के साथ-साथ धीमी प्रगति समेत आपसी बंदरबांट की बात सामने आई है। इस पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाई जाएगी। शासन को कार्रवाई के लिए संस्तुति पत्र भेजा गया है।
डीआरएस न्यूज नेटवर्क 

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