जाम से जूझती लखनऊ की सड़कें, परेशान जनता बेपरवाह प्रशासन - DRS NEWS24 LIVE

Breaking

Post Top Ad

जाम से जूझती लखनऊ की सड़कें, परेशान जनता बेपरवाह प्रशासन

#DRS NEWS 24Live
  

लखनऊ :राजधानी लखनऊ की यातायात व्यवस्था क़ो लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कई बार नाराजगीं व्यक्त कर चुके है. मगर प्रशासन है की अपनी कार्यशैली में सुधार लाने क़ो तैयार नहीं है। जिसके कारण लखनऊ के प्रमुख चौराहो, पॉलिटेक्निक चौराहा, दुबग्गा चौराहा, आलमबाग चौराहा, आईटी चौराहा, बालागंज चौराहा, चौक चौराहा, मेडिकल कालेज चौराहा, चरक चौराहा सहित अन्य प्रमुख चौराहो पर जाम की स्थिति हमेशा बरकरार रहती है। सड़को पर रेंगते हुये वाहन और लोग इस बात का सबूत देते है की राजधानी की सड़को पर से जाम क़ो ख़त्म करना इतना आसान नहीं है।
साल 2015-16 को राजधानी की सड़कों पर 18 लाख वाहनों का ट्रैफिक प्रेशर था, वहीं साल 2017-18 में यह बढ़कर 20 लाख हो गया. 2022 तक यही ट्रैफिक प्रेशर 22 लाख तक पहुंच गया. वहीं रोज तीन से चार लाख वाहन दूसरे जिलों से आकर लखनऊ होकर गुजरते हैं. वाहनों के बढ़ते प्रेशर के बाद भी ट्रैफिक मैनेजमेंट में कोई बदलाव नहीं आ सका. लखनऊ का लगातार विस्तार हो रहा है, बावजूद इसके ट्रैफिक पुलिस अपने पुराने ढर्रे पर ही चल रही है. इसके साथ साथ प्रशासन के गैंर जिम्मेदाराना रवैये और सड़को पर ऑटो रिक्शा की भरमार से ट्रैफिक से सडके कराह उठती है.
लखनऊ की सड़को पर ऑटो रिक्शा चालकों की भरमार है हर सड़क पर आपको सैकड़ो बैटरी चलित ऑटो रिक्शा नज़र आ जायँगे।
प्रमुख चौराहो पर अवैध रूप से चल रहे ऑटो तथा टैक्सी स्टैंड भी जाम का प्रमुख कारण नजर आते है. अवैध रूप से सवारी वाहनों के स्टैंड के बारे में सूत्रों ने बताया यह स्टैंड सरकारी तंत्र के जानकारी में चलाया जाता है, जिसके लिये थाने या यातायात पुलिस के अधिकारियो क़ो वाकयादा स्टैंड के संचालको द्वारा मोटी रकम के रूप में हप्ता दिया जाता है. अगर आपका हप्ता सही समय पर पहुँच रहा है तब आप अवैध स्टैंड चला सकते हो स्टैंड भले ही चरक चौराहे की चौकी के सामने लगता हो। वही मेडिकल कालेज की सड़को पर भी रोजाना जाम की स्थिति भयानक रहती है उसमे भी बड़ा योगदान ऐसे अवैध ऑटो और टैक्सी स्टैंड तथा सड़क पर दुकाने लगाकर भीड़ लगाये दुकानदार भी है. जिसके कारण रोजाना मरीजों क़ो ले जा रही दर्जनों एम्बुलेंस वाहनों क़ो भी रेंग रेंगकर 5 मिनट की दूरी 30 मिनट में तय करनी पडती है जिसके कारण कई मरीज रास्ते में ही दम तोड़ देते है. हालात तब और गंभीर हो जाते है जब ऑटो रिक्शा और टैक्सी स्टैंड क़ानून क़ो धता बताकर चरक चौराहा चौकी के ठीक सामने लगा नज़र आता हो मगर मजाल की कोई भी जिम्मेदार इस मामले क़ो संज्ञान में लेकर उचित कार्यवाही क़र सके.

No comments:

Post a Comment