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नेपाल के गज का तराई में 'राज'

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बहराइच। रिपोर्ट फिरदौस आलम:नेपाल छोड़कर अब गजराज जिले के कतर्नियाघाट वन्यजीव विहार का रूख कर रहे है। वन विभाग की गणना के मुताबिक इस समय यहां पर हाथियों की संख्या करीब 170 पहुंच गई है। बढ़ती आबादी को देखते हुए कतर्नियाघाट को हाथी रिजर्व भी घोषित किया जा चुका है।सात रेंज में फैले कतर्नियाघाट के जंगल की आबोहवा हाथियों को ज्यादा रास आ गई है। वहीं इनके बढ़ने से आस-पास इलाके में रहने वाले ग्रामीणों में भय का माहौल भी बन रहा है। वहीं वन विभाग हाथियों के संरक्षण को लेकर लगातार प्रयासरत है।
जिले का कतर्नियाघाट जंगल अब हाथियों का नया ठिकाना बनता जा रहा है। पहले पड़ोसी देश नेपाल का बर्दिया जंगल हाथियों के रहने के लिए काफी उपयुक्त क्षेत्र माना जाता था। लेकिन समय के साथ प्राकृतिक और पर्यावरण में बदलाव के चलते हाथियों को कतर्निया की आबोहवा रास आने लगी है। वन विभाग की माने तो वर्ष 2020 में करीब 75 हाथी थे। लेकिन इस समय हाथियों की संख्या में इजाफा हुआ है। विभाग की माने तो इस समय यहां पर 170 से अधिक हाथियों का कुनबा सक्रिय है।भारतीय वन्यजीव संस्थान टीम ने किया था सर्वे भारतीय वन्यजीव संस्थान देहरादून की छह सदस्यीय टीम ने बीते वर्ष 2023 में दुधवा वन्यजीव प्रभाग का हिस्सा कतर्नियाघाट में मई व जून माह में 200 वर्ग किलोमीटर क्षेत्रफल में कैमरे लगाकर हाथियों का सर्वे किया था। कैमरों में इनकी तस्वीरें कैद की थी। इस दौरान हाथियों एवं गैंडों की 50 लाख से अधिक तस्वीरें कैद हुई हैं। विभाग ने की मानें तो वर्ष 2020 में दुधवा नेशनल पार्क के सभी क्षेत्र में कुल 149 हाथी पाए गए थे, जिसमें 75 हाथी कतर्निया प्रभाग में ही थे। इस बार गजराज की संख्या यहां दोगुनी से अधिक होकर 170 पहुंच गई है। हाथियों की बढ़ती संख्या का कारण नेपाल के बर्दिया नेशनल पार्क से खाता कारीडोर के रास्ते इस ओर आगमन है। यहां भोजन एवं पानी की प्रचुरता के कारण यह स्थाई तौर पर ठिकाना बना रहे हैं। इससे ही केंद्र सरकार के ''प्रोजेक्ट हाथी के तहत यह नया अभयारण्य विकसित हो रहा है।
यूपी का दूसरा हाथी रिजर्व
शिवालिक के बाद कतर्नियाघाट प्रदेश का दूसरा हाथी अभयारण्य घोषित हुआ है। इसका विस्तार बहराइच से लेकर लखीमपुरखीरी, पीलीभीत, शाहजहांपुर तक है।
जंगल में इस समय 170 हाथी
कतर्नियाघाट में हाथियों का कैमरा ट्रैपिंग का कार्य पूरा हो चुका है। एक अनुमान के मुताबिक यहां इस समय करीब 170 हाथी सक्रिय है। यहां पर हाथियों का बढ़ना खुशी की बात है। कतर्नियाघाट को हाथी रिजर्व भी घोषित किया जा चुका है। इनके संरक्षण के लिए भी विभाग लगातार काम कर रहा है।
डीआरएस न्यूज नेटवर्क बहराइच

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