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सावित्रीबाई की जयंती पर प्रभात सामाजिक संस्था ने समारोह का किया आयोजन

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लखनऊ गोमती नगर सावित्रीबाई फुले जयंती समारोह के अवसर पर मुख्या अतिथि केदारनाथ सिंह ने कहा कि आजादी के पहले तक भारत में महिलाओं की गिनती दोयम दर्जे में होती थी। आज की तरह उन्‍हें शिक्षा का अधिकार नहीं था। वहीं अगर बात 18वीं सदी की बात करें तो उस समय महिलाओं का स्कूल जाना भी पाप समझा जाता था। ऐसे समय में सावित्रीबाई फुले ने जो कर दिखाया वह कोई साधारण उपलब्धि नहीं है। वह जब स्कूल पढ़ने जाती थीं तो लोग उन पर पत्थर फेंकते थे। इस सब के बावजूद वह अपने लक्ष्य से कभी नहीं भटकीं और लड़कियों व महिलाओं को शिक्षा का हक दिलाया। उन्हें आधुनिक मराठी काव्य का अग्रदूत माना जाता है। भारत की पहली महिला शिक्षिका सावित्रीबाई ने अपने पति समाजसेवी महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर 1848 में उन्होंने बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की थी। भारत की प्रथम महिला शिक्षिका एवं समाज सुधारक थी।  उन्होंने अपने पति ज्योतिबा राव फुले के साथ मिलकर विभिन्न जातियों की छात्राओं को अपने साथ लेकर पुणे  महाराष्ट्र  में प्रथम विद्यालय की स्थापना की थी।  सावित्रीबाई फुले ने अपने जीवन को एक मिशन की तरह जिया जिसका उद्देश्य था छुआछूत मिटाना  विधवा महिलाओं का विवाह कराना,  महिलाओं को शिक्षित बनाना। इस अवसर पर श्री घनश्याम सिंह, समाजसेवी  ने की।  कार्यक्रम का आयोजन सहारा प्लाजा पत्रकार पुरम, गोमती नगर, लखनऊ में प्रभात सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्था  द्वारा आयोजित व बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन, सामाजिक न्याय एवम अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार , नई दिल्ली द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम सावित्रीबाई फूले जयंती के अवसर पर आयोजित समारोह को सम्बोधित करते हुए  व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने सभी बिरादरियों व सभी धर्मो के लिए काम किया।  सावित्रीबाई पूरे देश की महानायिका  हैं।  तथा उन्हें एक मराठी आदि  कवित्री के रूप में जाना जाता है।   उन्होंने  प्रथम विद्यालय की स्थापना 1848 में पुणे महाराष्ट्र में की।   संजय पांडे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले का उद्देश्य दलित महिलाओं को शिक्षित बनाना प्रमुख उद्देश्य था। उनके पति महात्मा ज्योतिबा राव फुले को महाराष्ट्र व भारत में सामाजिक सुधार आंदोलन में एक सबसे महत्वपूर्ण व्यक्ति के रूप में माना जाता है।  कार्यक्रम को केदारनाथ सिंह  द्वारा संबोधित किया गया कार्यक्रम के एक दिन पूर्व विद्यालय के छात्र-छात्राओं में सावित्रीबाई फुले के जीवन यात्रा पर निबंध प्रतियोगिता का आयोजन किया गया था। प्रतियोगिता में  प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाली छात्राओं को नगद पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।   इस अवसर पर कार्यक्रम का शुभारंभ सावित्रीबाई फुले के चित्र पर मुख्य अतिथि के द्वारा पुष्प अर्पित करके किया गया।  इस अवसर पर तमाम गण्मान्य  अतिथियों के अलावा विद्यालय की छात्र -छात्राओं ने कार्यक्रम में भाग लिया।  इस अवसर पर काव्य गोष्ठी का भी आयोजन किया गया।   कार्यक्रम की  अध्यक्षता पूनम ने  किया। संस्था की तरफ से आए हुए अतिथियों को स्मृति चिन्ह एवम अंगवस्त्र देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित सभी अतिथियों ने एवं छात्र-छात्राओं ने कार्यक्रम के प्रयोजन हेतु बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन को धन्यवाद दिया।
डीआरएस न्यूज़ नेटवर्क

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